साईकिल का आविष्कार किसने किया था और कब - hindifacts.in

साईकिल का अविष्कार किसने किया था और कब?


दोस्तों साईकिल का इस्तेमाल तो हम बचपन से ही करते आ रहे हे. और शायद आपने भी अपने बचपन में साईकिल का उपयोग तो जरुर किया होगा. हालाँकि अब मोटर बाइक और मोटर कार के आ जाने से साईकिल का उपयोग भले ही कम हो गई हो.लेकिन आज भी बच्चो में उतनी ही उत्सुकता होती है साईकिल को देख कर जितनी पहले के ज़माने हुआ करती थी! तो चलिए आज जानते है साईकिल का अविष्कार किसने किया था और कब? और साथ ही जानते की साईकिल का अविष्कार कैसे हुआ? सरल सब्दो में.

    Cycle ka avishkar kisne kiya
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    1.साईकिल का अविष्कार किसने किया था और कब?

    ➤साईकिल का अविष्कार कार्ल वोन ड्रैस (Karl von Drais) ने किया था. तक़रीबन 200 साल पहले सन 1817 में

    दोस्तों कार्ल वोन ड्रैस ने सिर्फ दुनिया की पहली साईकिल का अविष्कार नहीं किया! उन्होंने साईकिल के साथ साथ शुरुआती दौर का पहला टाइप राइटर(सन 1821) का अविष्कार किया. उसके बाद स्टेनोग्राफ(सन 1827) नामका एक टाइपिंग मशीन भी बनाई थी. उसके साथ ही कार्ल वोन ड्रैस ने एक एसी मशीनभी बनाई थी जो पियानो मेसे निकलने वाली धुन (अवाज) को कागज़ पर रिकॉर्ड करने का काम करती थी. और ऐसे ही कई सारे चीजो का आविष्कार कार्ल वोन ने किया था.

    नोट:- दुनिया की पहली साईकिल का फोटो निचे दिया है आप देख सकते हो!

    2.साईकिल का अविष्कार कैसे हुआ?

    दोस्तों साईकिल का अविष्कार जितना आसान दीखता हे उतना दरअसल है नहीं! आज जो साईकिल हम देखते हे तो सोचते हे की इसमें क्या बड़ी बात हे. लेकिन किसी भी चीज की शुरुआती नीव रखना ही सबसे कठिन काम होता हे. साईकिल के अविष्कार के पीछे लगभग 100  सालो की कठिन परिश्रम का नतीजा है.तो चलिए अब जानते हे की साईकिल का अविष्कार कैसे हुआ?

     
    आधुनिक साईकिल के आविष्कार से पहले बहुत सारे डिज़ाइन बनाए गये थे.और इसी के साथ शुरुआत होती हे, सन 1493 में लिओनार्दो दे विंची के द्वारा बनाए गए एक छोटे से स्केच से. तक़रीबन 16विं सदी में. इस स्केच में और कुछ नहीं बस एक सिम्पल साईकिल का डिज़ाइन था. हालाँकि कुछ इतिहास कारो की माने तो इसे लिओनार्दो दे विंची के विद्यार्थी जिआन जिआकोमो कोप्रोट्टी के द्वारा बनाया गया था.लेकिन फिर भी इसे व्यवहारु रूप से उस साईकिल के डिज़ाइन को उपयोग में नहीं लिया गया.और अगले 400 सालो तक घोडा गाड़ी को ही एक उत्तम साधन माना जाता रहा.

    अब यहाँ से कहानी में एंट्री होती हे सर कार्ल वोन ड्रैस की! कार्ल ड्रैस ने साईकिल का आविष्कार सन 1815 में घटित एक कुदरती दुर्घटना के वजह से किया था. उस समय लोग घोड़ो और पालतू मवेशियों का उपयोग यातायात के लिए किया करते थे. इनका एक एहम हिस्सा रहा हे साईकिल के अविष्कार में. इसका कारण आपको निचे की घटना में पता चल जाएगा.

    👉सन 1815 में घटित एक कुदरती दुर्घटना:-

    यह घटना हे सन 1815 की! जब इंडोनेशिया में स्थित माउन्ट टैम्बोरा नामक एक ज्वालामुखी फुट जाता है. जवालामुखी फूटने की वजह से वहाँ की परिस्थिति में भारी बदलाव आया. दूर-दूर तक चारो ओर काला धुँआ फेल गया. जिसकी वजह से सूरज की रौशनी बहुत मुश्किल से दिखाई देती थी. और इसका अंजाम यह हुआ की, तापमान में भारी गिरावट हुई. तापमान नोर्मल परिस्थिति से काफी निचे चला गया.

    इसकी बहोत बुरी असर उत्तरी गोलार्ध में रहने वाले प्राणियों पर हुई. ईस घटना की वजह से उत्तरी गोलार्ध की सारी फसले बर्बाद हो गई. और इन फसलो पर निर्भर रहने वाले घोडॉ और पालतू मवेशियो की मृत्यु हो गई. ईस दुर्घटना की वजह से यातायात पूरी तरह से ठप हो गया. इसीका उपाय ढूंढने के लिए कार्ल वोन ड्रैस ने बिना पैडल वाली पहली साईकिल का अविष्कार किया.



    3.दुनिया की पहली साईकिल कैसी थी?

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    Karl Von Draise innovation


    आपको जानकर हैरानी होगी की, दुनिया की पहली साईकिल में कोई भी पैडल नहीं थी. और ये पुरी तरह से लकडियो की बनी हुई थी. और पैडल के साथ ही कोई गियर भी नहीं था. बस था तो सिर्फ दो व्हील और एक सिट और अगले व्हील को कंट्रोल करने के लिए एक हेंडल. जिसे लोग अपनी शक्ति से चलते थे. मेरा मतलब है, साईकिल पर चढ़ कर आप जितनी जोर से चल या फिर दौड़ लगाते हो उतनी ही तेजी से ये रनिंग साईकिल काम करती थी.

    ईस साईकिल को पूरी तरह से लकड़ी का बनाया गया था. जिसका वजन लगभग 23 किलोग्राम था. साईकिल को बनाने के बाद इसे दुनिया के सामने लाने के लिए कार्ल ड्रैस ने जर्मनी के दो प्रख्यात शहर मैनहेम और रेनाऊ के बिच में 12 जून 1817 को चलाकर बताया था.

    ईस बिच उन्होंने लगभग 7 किलोमीटर की दुरी तय की थी. और लकड़ी से बनी ईस साईकिल को यह दुरी तय करने में 1 घंटे से भी ज्यादा का समय लगा था.

    4.पैडल वाली साईकिल का अविष्कार कब हुआ?

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    दोस्तों जैसा की हमने आगे देखा की दुनिया की जो पहली साईकिल थी वह पूरी तरह लकड़ी से बनी हुई थी. और उसमे पैडल भी नहीं थे. तो चलिए अब जानते हे की पैडल वाली साईकिल का अविष्कार किसने किया और कब?

    दोस्तों दुनिया की पहली पैडल वाली साईकिल का अविष्कार सन 1863 में फ्रांस में रहने वाले एक मिकेनिक Pierre Lallement ने की थी.

    Pierre Lallement ने ही पहली बार साईकिल में बदलाव कर के साईकिल के अगले पहिये में पेडल लगाया था. हालाँकि इनके बाद सालो तक साईकिल की डिजाईन में बदलाव होते रहे और इतिहास में पहली बार सन 1885 में जॉन केम्प ने आज के ज़माने की डिजाईन वाली साईकिल का
    अविष्कार किया.
    जिसमे पहली बार साईकिल के दो पहियों के बिच में पैडल को लगाया था. तब से लेकर आज तक इसी डिजाईन वाली साईकिल मार्किट में बनाई जा रही हे.

    हालाँकि आज दुनियाभर में कई प्रकार की अनोखी साईकिल बनाई जा रही हे. जैसे-जैसे विज्ञान तरक्की कर रहा हे, साईकिल की कार्यक्षमता और कार्यप्रणाली में बदलाव होते जा रहे हे. और आजकल तो इलेक्ट्रिक साईकिल भी बाजार में आ चुकी हे. जो दिखने और चलाने में काफी मजेदार होती है.


    5.भारत में साईकिल का अविष्कार कब हुआ? 

    अगर हम बात करे भारत में साइकिलों का दौर कब शुरू हुआ तो जवाब होगा की जब भारत अंग्रेजो की गुलामी था. जी हाँ दोस्तों जिस वख्त दुनिया में साईकिल का आविष्कार और व्यवहारिक उपयोग शुरू हुआ उस वख्त हमारा देश गुलामी में था. इसीलिए भारत देश में साईकिल का सफ़र अंग्रेजो द्वारा ही शुरू किया गया था. हालाँकि हम आपको बता दे की. भारत में साईकिल का प्रोडक्शन सन 1942 में शुरू किया गया. और उस कंपनी का नाम Hind Cycle था.

    तो यही था पूरा इतिहास साईकिल का.मुजे ऊमीद हे की आपको पता चल गया होगा की साईकिल का अविष्कार किसने किया और कब? अगर अभी भी आपका कोई सवाल हे तो आप हमें निचे कमेंट में बता सकते हो. 

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