जानिए इन्टरनेट का अविष्कार किसने किया और कब? -hindifacts.in

👀इन्टरनेट का अविष्कार किसने किया?और कब?👦

हेल्लो दोस्तों आपका हार्दिक स्वागत हे hindifacts.in के एक बिलकुल नए और सम्पूर्ण माहिती से भरपूर "इन्टरनेट का अविष्कार किसने किया?" के आर्टिकल में। दोस्तों आज के आधुनिक दौर में टेक्नोलॉजी ने जिस रफ़्तार से तेजी पकड़ी हे, उसे देखते हुए लगता हे की,आने वाले 15 से 20 सालो में मनुष्य जीवन की पूरी काया पलट होने वाली हे।

आज सारी दुनिया इंटरनेट के ऊपर अपने काम को ले जाने में लगी हे। क्योंकि उन्होंने भी इंटरनेट के इस पावर को महसूस किया हे। और शायद आपने भी महसूस किया होगा। तो दोस्तों बने रहिए हमारे साथ इस आर्टिकल में। और आपको बहुत सारी चीजों के बारे में जानने को मिलेगा! जैसे की इंटरनेट का इतिहास क्या हे, इंटरनेट का अविष्कार किसने किया और कब? और ऐसे ही कई सारी चीजों के बारे में। तो दोस्तों बिना देरी किए जल्दी सुरु करते हे हमारे इस आर्टिकल "इन्टरनेट का अविष्कार किसने किया?" को। 

    1)इन्टरनेट का अविष्कार कब और किसने किया?

    Internet ka avishkar kisne kiya
    Internet ka avishkar kisne kiya

    दोस्तों अगर में आपसे बात करू की आखिर इन्टरनेट का अविष्कार किसने किया तो इसका श्रेय किसी एक या दो लोगो देना मेरे ख्याल से नाइंसाफी होगी। क्योंकि इन्टरनेट की संरचना जितनी आसान दिखती हे , उतनी हे नहीं! खैर, फ़िलहाल छोडिए ईस बात को! क्योंकि इसके बारे विस्तार से हम आगे बताएँगे। तो अब अगर हम बात करे की इन्टरनेट का अविष्कार किसने किया तो मुख्य रूप से दो लोगो का नाम दिया जाता हे। 

    1)रोबर्ट काहन (ROBERT KAHN), और 
    2)विन्टन सिर्फ(VINTON CERF)

    जी हाँ दोस्तों इन्टरनेट के अविष्कार के लिए आज भी इन दोनों महान वैज्ञानिको को श्रेय दिया जाता हे। और ये सही भी हे, क्योंकी इन्टरनेट से पहले इन्होने 1 जनवरी 1983 में सबसे पहले TCP/IP (TRANSMISSION CONTROL PROTOCOL / INTERNET PROTOCOL) की खोज की थी। इन्होने इन्टरनेट के चलने के लिए जरुरी सुरुआती सिस्टम की नीव रखी। और इन्होने ऐसे सिस्टम को बनाया जिससे की माहिती का आसानी से आदान प्रदान किया जा सके। हालाँकि हम ईस खोज को सिर्फ पहला कदम मान सकते हे इन्टरनेट की ओर !  

    2)इन्टरनेट क्या हे? और इन्टरनेट कैसे काम करता हे?

        2.1-इन्टरनेट क्या हे?

    दोस्तों चलिए जानते हे इन्टनेट के बारे में विस्तार से। इन्टरनेट की संरचना जितनी सरल दिखती हे उतनी दरअसल हे नहीं! वर्ल्ड वाइड वेब(www) से लेकर व्होट्सएप के ईस आधुनिक युग इन सबका समावेश आप इन्टरनेट में कर सकते हे। 

    इन्टरनेट को अगर में एक सरल भाषा में बताऊ तो ये सिर्फ एक माध्यम हे, किसी भी इलेक्ट्रॉनिक जानकारी को एक जगह से दुसरे जगह तक पहोचाने के लिए। और यह पुरे विश्व में फैले वायरो और ओप्टिकल फाइबर के माया जाल से किसी भी इनफार्मेशन को दुनिया के किसी भी कोने तक पहोचाने में मदद करते हे।

    Internet ka avishkar kisne kiya
    Internet ka avishkar kisne kiya



     इन्टरनेट के अविष्कार ने पूरी दुनिया की काया पलट कर के रख दी हे। आज अगर किसी भी व्यक्ति को किसी भी चीज के बारे में जानना हो तो उसे बस कुछ बटनों को दबाने की जरुरत हे। हालाँकि आज के ज़माने में इन्टरनेट का उपयोग बहुत ज्यादा गलत कामो के लिए भी हो रहा हे। आज का ये दौर अफवाहों का दौर बन चूका हे। 

    हालाँकि इसके जिम्वेदार भी हम लोग ही हे। क्योंकि हम प्राप्त हुए मेसेज को बिना सोचे समजे लोगो को फॉरवर्ड कर देते हे। लेकिन दो मिनट भी बैठ कर कभी यह नहीं सोचते की इसे पढने वाले हजारो-लाखो लोगो की सोच में क्या फर्क पड़ेगा! चलिए छोडीए इन बातो को लेकिन आगे से किसी भी मेसेज की बिना सच्चाई की पृष्ठी किए किसीको भी फारवर्ड मत करना। चलिए अब जानते हे की आखिर ये इन्टरनेट कैसे काम करता हे? 

        2.2-इन्टरनेट कैसे काम करता हे?

    चलिए अब जानते हे की, इन्टरनेट कैसे काम करता हे! दोस्तों इसको को एक उदाहरण के जारीए समजते हे। जैसे की हमने ऊपर पढ़ा की इन्टरनेट सिर्फ एक माध्यम हे डाटा यानि की इनफार्मेशन को एक जगह से दूसरी जगह पहोचाने के लिए। तो आइए जानते हे इसके बारे में और भी विस्तार से। 
    इन्टरनेट की सुरुआत होती हे सन 1960 में जब U.S. आर्मी ने इसके ऊपर रिसर्च के लिए पैसे दीए।  और इसके बाद कई सारे लोगो और कई प्राइवेट कंपनियों की मदद से इन्टरनेट की शुरुआत हुई। जिसमे दो कंप्यूटर को वायर की मदद से जोड़ कर पहली बार माहिती का आदान-प्रदान किया गया। और इसके बाद इन्टरनेट ने बहुत तेजी से विकास किया। जिसका नतीजा आज हम देख ही सकते हे। 

    ऊपर दिए गए उदहारण से आपको सामान्य बात पता चली होगी की इसमें इन्टरनेट केबलो का बहुत अधिक महत्त्व हे। जिसका अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हे की आज के ज़माने में करोडो कंप्यूटर और मोबाइल फ़ोन का उपयोग हो रहा हे, ये सभी समुद्र में बिछाए गए केबलो की मदद से जुड़े हुए हे। 

    सबसे पहले अगर हम बात करे की कंप्यूटर में इन्टरनेट कैसे काम करता हे तो उसके लिए IP एड्रेस क्या होता हे उसका पता होना चाहिए। एक IP एड्रेस बिलकुल आपके घर के एड्रेस की तरह हे, जैसे की अगर हमें किसी को कोई लेटर या पार्सल भेजना हो तो हमें उसके घरके का एड्रेस और पिन कोड पता होना चाहिए। ठीक वैसे ही इन्टरनेट की दुनिया में भी हे। इंसानों के घर के एड्रेस की तरह सभी कंप्यूटरों और मोबाइल फ़ोन की एक अलग IP एड्रेस होता हे। जिसकी वजह से कंप्यूटर को पता चलता हे की किस इनफार्मेशन को किस कंप्यूटर तक पहुचाना हे। और ये सब समुद्र में बिछे इन्टरनेट केबल की वजह से होता हे। 

    चलिए इसे और एक सामान्य उदाहारण से समझने की कोशीश  करते हे!

    चलिए इसको अब अब एकदम आसान तरीके से समजते हे। जिसमे समजते हे की आप इन्टरनेट की मदद से घर बैठे ईस आर्टिकल को कैसे पढ़ पा रहे हे!
    Internet ka avishkar kisne kiya
    Internet ka avishkar kisne kiya



    1) सबसे पहले आप अपने कंप्यूटर या मोबाइल में किसी भी इन्टरनेट ब्राउज़र एप को खोलेंगे। (जैसे की क्रोम ब्राउज़र, मोज़िला फायरफोक्स ,ओपेरा ब्राउज़र, और हल ही में बेन हुआ uc ब्राउज़र.) इन सभी ब्राउज़र का काम होता हे हमें चीजो को आसान तरीके से देखने के लिए एक इंटरफ़ेस प्रोवाइड करना। 

    2)अब मान लीजिए की आपने हमारी वेबसाइट www.hindifacts.in को सर्च किया! तो वो इनफार्मेशन सबसे पहले आपके इन्टरनेट प्रोवाइडर के पास रेडियो सिग्नल के माध्यम से टावर द्वारा उनके सर्वर तक जाते हे। यहाँ पर सर्विस प्रोवाइडर कोई भी मोबाइल सिम कार्ड कंपनी हो सकती हे।

    और अगर आप wifi का उपयोग कर रहे हे तो वो आपके राऊटर के जरिए आपके शहर में बिछाए गए वायरो द्वारा उस कंपनी के सर्वर तक माहिती पहुचती हे। 

    3)इसके बाद इन सर्वरों से निकल कर जैसा की मैंने पहले बताया की पूरी दुनिया के कंप्यूटर समुद्र में बिछाए गए लम्बे वायरो से जुड़े हुए हे। इसलिए उन इन्टरनेट केबलो के माध्यम से हमारी वेबसाइट का डाटा जिस जगह पर सेव हे वहा के सर्वर से कनेक्शन बनाएँगे। और इसका पता कंप्यूटरों को ip एड्रेस से पता चलता हे। 

    4)इन सर्वरों से माहिती एकत्रित करके वापस उसी रास्ते हमारे सर्विस प्रोवाइडर तक माहिती वापस आती हे। और उसके बाद हमारे मोबाइल टावर की मदद से वह माहिती हमारे मोबाइल या कंप्यूटर तक वापस प्राप्त होती हे। 

    हालाँकि ये सभी चीजे इतनी तेजी से हो जाती हे की हमें इतनी लम्बी प्रक्रिया का अंदाजा भी नहीं लगता। मुजे उम्मीद हे की आपको पता चल ही गया होगा की इन्टरनेट कैसे काम करता हे।  



    3)इन्टरनेट का अविष्कार कैसे हुआ?

    Internet ka itihas
    Internet ka itihas


    हालाँकि इसको हम पूरी गहराई से नहीं बताएँगे लेकिन आपको एक अंदाजा जरुर मिल जाएगा इन्टरनेट के इतिहास को लेकर। 

    दोस्तों इन्टरनेट के अविष्कार की कहानी थोड़ी अनोखी हे। अब में ये इसीलिए बता रहा हूँ क्यूंकि इन्टरनेट के अविष्कार की नीव सोवियत यूनियन संघ और अमेरिका के बिच हुए कोल्ड वोर की वजह हे। जी हाँ ये बात हे 4 अक्टूबर 1957 की हे जब सोवियत संघ द्वारा विज्ञान की दुनिया में एक अहम खोज अन्तरिक्ष की दुनिया में की गई। इसी दिन सोवियत संघ के द्वारा पूरी दुनिया में सबसे पहली बार इंसानों द्वारा बनाया गया सेटेलाईट को लॉन्च किया गया। जिसका नाम स्पुतनिक था। और इसकी आवाज पूरी दुनिया में आग की तरह फ़ैल गई। 

    दो देशो की बिच में चल रही इसी कोल्ड वॉर के चलते अमेरिका ने विज्ञान और टेक्नोलॉजी की दौड़ में आगे निकलने की थान ली। इसीलिए सन 1957 में अमेरिका के राष्ट्रपति Dwight D. Eisenhower ने उसी समय विज्ञान की दुनिया में तेजी से तरक्की करने के लिए एक नए रिसर्च संस्था की स्थापना की।  जिसका नाम ARPA रखा गया था। जिसका पूरा नाम ADVANCED RESEARCH PROJECT AGENCY था। और इसका काम अलग अलग चीजो में खोज करना था।  हालाँकि इनके कार्य में एक जो सबसे बड़ी दिक्कत आ रही थी वो थी दो कंप्यूटरों के बिच में डाटा का स्थानातर करने में। 

    इसीलिए इन्होने सोचा की क्यों न एक ऐसे नेटवर्क की रचना की जाए जिससे डाटा को एक जगह से दूसरी जगह आशानी से भेजा जा सके। और ईस टीम के लीडर विंटर कहं थे। इसके बाद इन्होने कुछ कम्पनी के साथ मिल कर पहली बार 4 अलग अलग कमरों में रखे गए कंप्यूटरों को एक नेटवर्क से जोड दिया और इसीसे सुरुआत हुई इन्टनेट की। और ईसि के साथ ARPA ने दुनिया का सबसे पहला ऐसा कंप्यूटर नेटवर्क बनाया जिसमे की TCP/IP का उपयोग किया गया हो। इसके बाद इसका नाम बदल कर ARPANET कर दिया गया। 

    अब शायद आपको पता होगा की उस समय कंप्यूटरों का आकार एक पुरे कमरे जितना बड़ा होता था। और ये बहुत बड़े जगह के साथ साथ बिजली का भी बहुत बड़ा हिस्सा मांगते थे। उसके बाद सन 1972में जो ARPA संस्था थी उसका नाम बदल कर DARPA कर दिया। हालाँकि इसका नाम कई बार बदला गया। और वापस से सन 1993 में वापस से बदल कर ARPA  कर दिया गया। 

    आज जो हम ये सुपर फ़ास्ट इन्टरनेट देख रहे हे उसका श्रेय मेरे ख्याल से ARPA  को जाता हे। इनके ईस अविष्कार के बाद सन 1973 में इन्होने डाटा को ट्रान्सफर करने के तरीके को बदलने की सोची और आखिर में बदला भी। इन्होने सोचा की क्योंन कंप्यूटर कम्युनेशन को केबलो की जगह वायरलेस कर दिया जाए। इसके लिए उन्होंने रेडियो पैकेट टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया। जैसे की आपको पता हे की हम जिस फ़ोन से हम लोगो बात करते हे वो भी इसी टेक्नोलॉजी की वजह से शक्य हुआ हे। इसी टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करते हुए फिर वायरलेस डाटा ट्रान्सफर सुरु हुआ।   

    4)WWW की खोज कैसे हुई? 

    इन्टरनेट की तरक्की में अगर किसी बड़ी चीज का हाथ हे तो वो हे www यानि की वर्ल्ड वाइड वेब। जी हाँ अगर इसकी खोज नहीं हुई होती तो शायद आज आप गूगल पे ये सर्च नहीं कर पाते और शायद इन्टरनेट की आधी से ज्यादा चीजे जिनका हम प्रयोग अभी कर रहे हे वो भी अशक्य हो जाता। दोस्तों वर्ल्ड वाइड वेब की खोज का श्रेय जाता हे वैज्ञानिक टीम बर्न -ली. को। जी हाँ दोस्तों सन 1989 में इन्होने WWW खोज की। इसीके फल स्वरूप आज हम लोग इसके उपयोग से सिर्फ एक वेबसाइट के URL(Uniform Resource Locator) की मदद से दुनिया के किसी भी कोने में रहते हुए किसी भी चीज के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हे। 

    5)इन्टरनेट का मालिक कौन हे? 

    Internet ka malik kaun he
    Internet ka malik kaun he


    दोस्तों जब बात आती हे इन्टरनेट का मालिक कौन हे तो माइक्रोसॉफ्ट के स्थापक बिल गेट्स की एक कहानी याद आती हे। दरअसल सन 1998 में बिल गेट्स ने कोसिस की थी इन्टरनेट को खरीदने की। और इसके लिए पैसे भी देने को तैयार थे। लेकिन उनको यही नहीं पता चला की आखिर इन्टरनेट का मालिक कौन हे।  और ये हकीकत हे की, असल में इन्टरनेट का कोई मालिक नहीं हे। 

    दरअसल इन्टरनेट का कोई मालिक नहीं हे! और इसीलिए जो भी इसका उपयोग करते हे उन सभी लोगो को हम इन्टरनेट का मालिक बोल सकते हे। हालाँकि इसकी देख रेख रखने के लिए और दुनिया में इन्टरनेट के वपराश में कोई दिक्कत न हो इसके लिए बहुत सारी कंपनिया मुफ्त में अपनी सेवा प्रदान करती हे। उदहारण के तौर पर Internet Corporation for Assigned Names and Numbers (ICANN) ,और National Science Foundation और ऐसे ही अनगिनत संस्थाए अपनी भागीदारी निभाते हे। जिसकी वजह से हम आराम से इन्टरनेट को चला पाते हे। 

    6)इन्टरनेट वरदान या अभिशाप?

    दोस्तों अगर बात करे इन्टनेट का मानव जीवन पर हुए असर के बारे में तो मुजे लगता हे की आज की दुनिया इन्टरनेट की दुनिया हे। आज के ज़माने में बिना इन्टरनेट के दुनिया की कल्पना करना भी मुश्किल हो शकता हे। इसका सीधा अनदाजा आप खुद लगा सकते हे। सिर्फ एक सवाल का जवाब देकर! क्या आप बिना इन्टरनेट का इस्तेमाल किए रह सकते हे ? ज्यादातर लोगो का जवाब ना… में ही होगा। और अगर सच्ची बात करु तो जिसको भी एक बार इंटरनेट की आदत लग जाती हे वो इन्टरनेट के बिना नहीं रह सकता। 

    इन्टरनेट ने पूरी दुनिया की काया पलट करने में अपना एक अहम हिस्सा प्रदान किया हे। और पूरी दुनिया में जो आज टेक्नोलॉजी इतनी ज्यादा तेजी से विकशित हो रही हे उसका कारन भी कही न कही इन्टरनेट ही हे। आज आप देखते हे की दुनिया के किसी भी कोने की जानकारी आज आप सिर्फ एक मोबाइल या कंप्यूटर स्क्रीन पर चन्द सेकंड में प्राप्त कर सकते हे। और इसीलिए दुनिया इतनी तेजी से बदल रही हे। इन्टरनेट ने दुनिया को देखने और सोचने का एक नया नजरिया प्रदान किया हे। आज के ईस आधुनिक ज़माने आप कुछ स्किल सिख कर इन्टरनेट से लाखो रूपये भी कम सकते हे। इसका एक आसान सा उदहारण हे YOUTUBE! इसका उपयोग आपने भी कभी न कभी किया ही होगा। और में आपको बतादू की जो लोग YOUTUBE पे विडिओ डालते हे वो भी बहुत ज्यादा पैसा कमाते हे। 

    इन्टरनेट एक सिक्के के दो पहेलु की तरह हे। इन्टरनेट को अगर आप सही तरह से उपयोग करे तो ये आपके आधि से ज्यादा काम आसान कर देता हे। जैसे की घर बैठे लाइट बिल, मोबाइल, और यहाँ तक की इलेक्ट्रसिटी बिल का भुगतान भी आज आप घर बैठे कर सकते हे। और आप देखते सकते हे की जब दुनिया में कोरोना नामकी महामरी ने हमला किया था तब इन्टरनेट की वजह से ही ज्यादातर लोग घर बैठे अपना काम कर रहे थे। हालाँकि कोरोना की वजह से शिक्षण विभाग को भी नुकशान पंहुचा था लेकिन ऐसी मुसीबत के समय बच्चे इन्टरनेट के बदौलत ही अपनी पढाई को जारी रख पाए हे। 

    और अगर में आपसे बात करू इन्टरनेट के दुसरे पहेलु की तो आज आप देख सकते हे की इन्टरनेट की वजह से इंसानों की सुरक्षा बहोत ज्यादा खतरे में हे। हर रोज हम न्यूज़ में साइबर क्राइम की खबरे सुनते हे। साइबर बुलींग की घटनाओं के बारे में सुनते हे। कई बार पर्सनल विडिओ को पब्लिक में अपलोड करने के लिए लडकियों को ब्लैकमेल किया जाता हे। और सबसे अधिक घटनाए इन्टरनेट बेंकिंग,और हैकिंग से जुडी होती हे। इन्टरनेट चीजो को जितना आसान बना रहा हे उतना ही लोगो की सुरक्षा के साथ खेलवाड़ हो रहे हे। रोजाना हजारो FIR दर्ज होती हे पोलिश स्टेशन में। और ये हमें कई बार सोचने के लिए मजबूर भी कर देती हे। 

    आपने कही न कही ये वाक्य जरुर सुना होगा की "DATA IS THE NEW OIL FOR THE WORLD" दोस्तों अगर में सही हु तो हमें और हमारे दिमाग को पूरी तरह से कण्ट्रोल किया जा रहा हे  दुनिया की कुछ बड़ी इन्टरनेट कंपनीयो के द्वारा जिसमे शामिल हे FACEBOOK,TWITTER , GOOGLE, और INSTAGRAM जैसी बड़ी बड़ी कंपनी का। हाल ही में किए गए एक रिसर्च में बताया गया की ये जितनी भी बड़ी बड़ी कंपनिया हे वो हमारे डाटा का उपयोग कर के हमें और हमारे दिमाग को ईस तरह से (MANIPULATE) यानि की एक तरह से वश में करते हे की हम ज्यादा से ज्यादा समय उनके एप पे बिता सके। शायद आपने भी बहोत बार महसूस किया होगा की आप मोबाइल सिर्फ 5 मिनट के लिए लेते हे लेकिन कब मिनट घंटो में बदल जाते हे हमें खुद पता नहीं चलता। अगर आपको भी ये एहसास हुआ हे तो निचे कमेंट बॉक्स में लिख कर जरुर बताईए। अगर आपको इसके बारे में ज्यादा जानना हे तो आप हालही में लॉन्च हुई NETFLIX की सीरीज "THE SOCIAL DILEMMA" को जाकर जरुर देखीए आपको बहोत कुछ जानने को मिलेगा ! या फिर आप YOUTUBE पर भी जाकर किसी भी LECTURE को देख सकते हे।  

    7)इन्टरनेट से जुड़े 10 अनोखे रोचक तथ्य

    1. दोस्तों इन्टरनेट वर्ल्ड के मुताबिक अब तक दुनिया भर में आधी से ज्यादा आबादी के लोग इन्टरनेट का उपयोग करते हे। इनके मुताबिक दुनिया में लगभग 4 बिलियन लोग इन्टरनेट का उपयोग कर रहे हे। यानी की इससे अंदाजा लगा सकते हे की आने वाली दुनिया इन्टनेट से ही चलेगी। 
    2. एक और रोचक बात ये हे की इंटरनेट का उपयोग करने वाले लोगो में आधी से ज्यादा लोग एशिया में रहते हे। 
    3. दोस्तों क्या आपको पता हे दुनिया की सबसे पहली वेबसाइट 6 अगस्त 1991 में लॉन्च की गई थी। जिसको टीम बर्न ली ने बनाया था। जिसे आज हम www यानि की वर्ल्ड वाइड वेब के नाम से जानते हे। 
    4. आपको जानकर थोड़ी हैरानी होगी लेकिन नासा के पास 91 गीगा-बाइट्स प्रति सेकंड की स्पीड हे। 
    5. दोस्तों दुनिया का सबसे पहला ब्राउज़र माइक्रोसॉफ्ट कंपनीने बनाया था जिसका नाम cello था। 
    6. क्या आपको पता हे YouTube पे दुनिया का सबसे पहला विडियो 23 अप्रैल 2005 में किया था। जिसका टाइटल "Me at the  zoo" था। जिसके इसके फाउंडर द्वारा ही अपलोड किया गया था। 
    7. दुनिया में सबसे ज्यादा तेज इन्टनेट स्पीड वाला देश ताइवान हे। जिसकी औसतन स्पीड 85.02 Mbps की हे। इसकी टक्कर सिंगापोर से होती हे। 
    8. दुनिया में सबसे अधिक कम इन्टनेट स्पीड वाला देश यमन हे।  जहां की औसतन इन्टरनेट स्पीड 0.32 Mbps की होती हे। 
    9. क्या आपको पता हे दुनिया में हर रोज लगभग 95 मिलियन से भी ज्यादा फोटो अपलोड की जाती हे इन्टरनेट पर। 
    10. इन्टरनेट के आने से पहले "LOL" शब्द का अर्थ "Lots of Love" हुआ करता था। 

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